“चेक डैम या भ्रष्टाचार का गड्ढा?”
बजरी-डस्ट के खेल में 14.67 लाख! अब जांच के घेरे में पूरा मामला
सारंगढ़-बिलाईगढ़ ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली योजना MGNREGA अब सवालों के घेरे में है। जिले के ग्राम पंचायत मुड़पार छोटे में बन रहे चेक डैम ने विकास की जगह भ्रष्टाचार की कहानी लिख दी है।
करीब 14 लाख 67 हजार रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस चेक डैम में गुणवत्ता नहीं, बल्कि गड़बड़ी का मसाला मिलाया जा रहा था — ऐसा आरोप अब खुलकर सामने आ चुका है।
रेत-गिट्टी की जगह ‘डस्ट का खेल’!
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानक सामग्री की खुलेआम अनदेखी की गई।
जहाँ रेत और गिट्टी का इस्तेमाल होना चाहिए था, वहाँ बजरी और डस्ट डालकर काम निपटाया जा रहा था।
ग्रामीणों का कहना है—
“ये चेक डैम पानी रोकेगा या पहली बारिश में बह जाएगा?”
सोशल मीडिया बना सबूत, प्रशासन हरकत में
जैसे ही निर्माण की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, मामला तूल पकड़ गया।
जनता के दबाव के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और अब जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
CEO का सख्त आदेश – 3 दिन में रिपोर्ट
जनपद पंचायत सारंगढ़ के CEO ने मामले को गंभीरता से लेते हुए:
अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) को जांच सौंपी
तकनीकी सहायक की भूमिका की भी होगी जांच
03 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
अब सबसे बड़ा सवाल…
क्या इस जांच में सच सामने आएगा?
क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
या फिर ये मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?
जनता में गुस्सा, सिस्टम पर निगाहें
गांव में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। लोग पूछ रहे हैं—
जब गरीबों के हक का पैसा ही लूटा जाएगा, तो विकास कैसे होगा?”
🚨 आगे क्या?
अब पूरा मामला जांच टीम की रिपोर्ट पर टिका है।
अगर आरोप सही साबित हुए, तो ये सिर्फ एक चेक डैम नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पोल खोलने वाला मामला बन सकता है।
आवाम की आवाज़ न्यूज़ इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सच सामने आएगा — और सबसे पहले आप तक पहुंचेगा।









