मां को सम्मान दिलाने निकला बेटा, घर लौटी सिर्फ दर्द की खबर: सड़क हादसे में बुझ गई राहुल चक्रधारी की जिंदगी…
दुर्ग/पाटन। (भुनेश्वर निराला) एक मां के लिए वह दिन गर्व और खुशी का था। बेटा उसे सम्मान स्वरूप मिलने वाला प्रमाण पत्र दिलाने भिलाई लेकर गया था। लेकिन किसे पता था कि वापसी के रास्ते में नियति ऐसा क्रूर मोड़ लेगी कि घर लौटेगी तो सिर्फ बेटे की मौत की खबर।
पाटन ब्लॉक के ग्राम किकिरमेटा निवासी 21 वर्षीय राहुल चक्रधारी की रविवार को अंजोरा बायपास स्थित आरोग्य अस्पताल के सामने हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर के बाद उसकी बाइक में आग लग गई और देखते ही देखते युवा जिंदगी आग की लपटों में समा गई।
परिवार का सहारा था राहुल
राहुल भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा था और एक निजी फार्मेसी कंपनी में कार्यरत था। कम उम्र में ही उसने परिवार की जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर उठा लिया था। परिजनों के अनुसार वह मेहनती, मिलनसार और परिवार के प्रति समर्पित युवक था।
रविवार को वह अपनी मां, क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकगायिका शकुंतला चक्रधारी को कला एवं संस्कृति संस्थान में प्रमाण पत्र लेने के लिए भिलाई लेकर गया था। मां को कार्यक्रम स्थल पर छोड़ने के बाद उसने जल्द घर लौटने की बात कही थी, लेकिन यह उसका अंतिम सफर साबित हुआ।
टक्कर के बाद आग का गोला बनी बाइक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंजोरा बायपास के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने राहुल की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक काफी दूर तक घिसटती चली गई। इसी दौरान बाइक की पेट्रोल टंकी क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई।
कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने युवक को बचाने और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि राहुल को नहीं बचाया जा सका। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
चालक वाहन छोड़कर फरार
हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रेलर को जब्त कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा फरार चालक की तलाश जारी है।
गांव और लोककला जगत में शोक
राहुल चक्रधारी के निधन की खबर फैलते ही किकिरमेटा गांव सहित पूरे पाटन क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोकगायिका शकुंतला चक्रधारी के पुत्र के असमय निधन से लोककला और सांस्कृतिक जगत से जुड़े कलाकारों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।
कई कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने राहुल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इसे एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे सांस्कृतिक समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
आज होगा अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार राहुल चक्रधारी का अंतिम संस्कार सोमवार को ग्राम किकिरमेटा स्थित खारून नदी किनारे मुक्तिधाम में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों के लोगों के पहुंचने की संभावना है।
एक मां को सम्मान दिलाने निकला बेटा खुद हमेशा के लिए यादों में बदल गया। यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और लापरवाही की कीमत का भी एक दर्दनाक उदाहरण बन गया है।









