सारंगढ़ की सड़कों पर छिपा खतरा! ‘अदृश्य’ ब्रेकर बन रहे हादसों की वजह, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
गढ़ चौक और कॉलेज मोड़ जैसे व्यस्त इलाकों में बिना संकेत के बने स्पीड ब्रेकर, रोजाना जोखिम में लोग
सारंगढ़ | 18 मार्च 2026
सारंगढ़ शहर की सड़कों पर एक खामोश खतरा तेजी से लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। मुख्य मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकर अब सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण बनते जा रहे हैं। इन ब्रेकर्स की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे बिना किसी चेतावनी संकेत के बनाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते इनका अंदाजा नहीं लग पाता।
इसी गंभीर मुद्दे को उठाते हुए क्षेत्र समस्या निवारण अध्यक्ष विकास कोसले ने प्रशासन के समक्ष कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

🚨 ‘अदृश्य ब्रेकर’ बने दुर्घटनाओं का कारण
ज्ञापन में बताया गया है कि कलेक्ट्रेट के सामने, गढ़ चौक (बिलासपुर रोड) और कॉलेज मोड़ जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में कई स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन स्थानों पर किसी भी प्रकार का सिग्नल बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया है।
रात के समय या तेज रोशनी में ये ब्रेकर बिल्कुल दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालक अचानक नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे हो जाते हैं।
💥 ताजा हादसे ने बढ़ाई चिंता
इस लापरवाही का खामियाजा लोग भुगत भी रहे हैं। 17 मार्च को गढ़ चौक पर ट्रैक्टर और स्कूटी के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वहां संकेत बोर्ड लगा होता, तो यह हादसा टल सकता था।
⚡ प्रशासन से सख्त मांग: अब और लापरवाही नहीं
विकास कोसले और उनके साथ मौजूद प्रतिनिधियों ने प्रशासन से साफ शब्दों में कहा है कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग रखी है कि:
✔️ सभी स्पीड ब्रेकर्स के पास तुरंत रिफ्लेक्टर युक्त सिग्नल बोर्ड लगाए जाएं
✔️ संवेदनशील इलाकों में रात में दिखने वाली चेतावनी व्यवस्था की जाए
✔️ भविष्य में ऐसे निर्माण बिना सुरक्षा मानकों के न किए जाएं
👥 जनप्रतिनिधियों ने दिखाई एकजुटता
इस दौरान संगठन के संयुक्त महामंत्री विक्रम जोल्हे, संयुक्त सचिव विष्णु रात्रे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले हालात सुधारे जा सकें।
🛑 सवाल जो जवाब मांगते हैं
👉 क्या प्रशासन हादसे के बाद ही जागेगा?
👉 क्या एक और दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?
सारंगढ़ की जनता अब जवाब चाहती है — और सबसे जरूरी, सुरक्षित सड़कें।









