कांग्रेस में फैसले कौन लेता है?” खरगे के बयान से सियासत गरम, बीजेपी का हमला तेज …
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
खरगे ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी के बड़े फैसलों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की अहम भूमिका होती है। बस इसी बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोल दिया है।
कर्नाटक में सीएम को लेकर क्या चल रहा है?
खरगे ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि
फिलहाल मुख्यमंत्री पद पर सिद्धारमैया ही बने रहेंगे।
नेतृत्व बदलने की बातें अभी सिर्फ अफवाह हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर हर बड़ा फैसला विचार-विमर्श और वरिष्ठ नेताओं की सहमति से ही लिया जाता है।
‘आलाकमान’ पर टिकी पूरी सियासत
खरगे ने यह साफ कर दिया कि
कोई भी बड़ा निर्णय बिना सोनिया और राहुल गांधी की भागीदारी के संभव नहीं है।
अंतिम फैसला हमेशा सामूहिक चर्चा के बाद ही लिया जाता है।
यानी कांग्रेस में “आलाकमान कल्चर” अब भी पूरी तरह प्रभावी है।
बीजेपी को मिला बड़ा मुद्दा
खरगे के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि
पार्टी में लोकतंत्र नहीं, बल्कि परिवारवाद हावी है।
असली ताकत चुने हुए नेताओं के पास नहीं, बल्कि गांधी परिवार के पास है।
अंदरखाने क्या चल रहा है?
कर्नाटक कांग्रेस में खींचतान नई नहीं है।
एक तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का गुट
दूसरी तरफ डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के समर्थक
सूत्रों के मुताबिक, 2023 के सत्ता साझाकरण समझौते को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें शिवकुमार को आगे मौका देने की मांग उठ रही है।
अब आगे क्या?
खरगे ने साफ संकेत दिया है कि
अभी कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं होगा
कर्नाटक के हित और राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा
निष्कर्ष:
खरगे के एक बयान ने कर्नाटक की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस इस आंतरिक खींचतान को कैसे संभालती है—और बीजेपी इसे कितना बड़ा मुद्दा बनाती है।









