Categories

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

26/05/2026

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब सफाई एवं श्रमदान गंगा दशहरा पर स्वच्छता और जल संरक्षण का दिया संदेश…

Spread the love



आवाम की आवाज…
संवाददाता : कमलेश पाटीदार

उज्जैन, खाचरोद — नगर पालिका परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर श्री नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित तालाब परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों तथा नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रमदान कर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। तालाब एवं उसके आसपास फैली गंदगी को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से जल बचाने एवं जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया गया।

नगर पालिका परिषद द्वारा इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निजी, सामाजिक एवं सार्वजनिक भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों एवं स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से नगरवासियों को पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति जागरूक करने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर निकाय अध्यक्ष गोविन्द भरावा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अश्विन दिंडोरकर, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीषा अखिलेश शर्मा, पार्षद दशरथ वाकतारिया, पार्षद प्रतिनिधि राजेन्द्र धाकड़, बाबू नागर, अनुविभागीय अधिकारी नेहा साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता राधेश्याम बंबोरिया, जगदीश मंडावलिया, प्रवीण नायक, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास मनोज जाट सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक, निकाय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

*शाम में दीपों से रोशन हुआ महाकाल का दरबार*

गंगा दशहरा पर्व पर नगर पालिका द्वारा 25 मई की शाम श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर परिसर में दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाकाल मंदिर प्रांगण में आकर्षक दीप सज्जा की गई।

*30 मई को रामतलाई तालाब का होगा गहरीकरण*

नगर पालिका अध्यक्ष भरावा ने बताया कि 30 मई को जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर के रामतलाई क्षेत्र स्थित तालाब का जेसीबी मशीन से गहरीकरण किया जाएगा। जिन नागरिकों को मुरम एवं काली मिट्टी की आवश्यकता हो, वे अपने स्वयं के संसाधनों से मुरम एवं काली मिट्टी ले जा सकते हैं।


Spread the love