Categories

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

15/04/2026

घरघोड़ा में ‘राखड़ राज’! मंत्री के दावे ध्वस्त, किसानों की जमीन पर बेखौफ डंपिंग से उठे बड़े सवाल

Spread the love

रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में फ्लाई-ऐश डंपिंग का मामला अब केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल बन चुका है। विधानसभा में सरकार द्वारा यह दावा किया गया था कि कृषि और वन भूमि पर फ्लाई-ऐश डंपिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। आरोप है कि सारडा एनर्जी से जुड़े डंपर लगातार कृषि भूमि पर राखड़ गिरा रहे हैं और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि जिन खेतों में कभी धान की भरपूर पैदावार होती थी, वहां अब राख की परतें जम रही हैं। उड़ती धूल फसलों को नुकसान पहुंचा रही है, मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है और भूजल प्रदूषण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जमीन पर फ्लाई-ऐश डंपिंग हो रही है, उसकी वैधता को लेकर भी स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ रहा—क्या वह निजी भूमि है, आबंटित शासकीय जमीन है, या किसी विशेष अनुमति के तहत उपयोग में लाई जा रही है?


मामले ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं—क्या टॉवर लगी जमीन पर फ्लाई-ऐश भंडारण नियमसम्मत है? धान उत्पादन वाली उपजाऊ जमीन पर औद्योगिक राख जमा करने की अनुमति किस आधार पर दी गई? समतल कृषि भूमि को खोदकर राख भंडारण की मंजूरी किस विभाग ने दी? और यदि यह सब अवैध है, तो पंचायत कर्मियों, राजस्व अमले और स्थानीय प्रशासन की भूमिका क्या रही?
सूत्रों के अनुसार, एक युवा नेता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई की बजाय लीपापोती की कोशिशें हुईं। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं प्रभावशाली औद्योगिक दबाव के कारण जांच प्रभावित तो नहीं हो रही। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात सैकड़ों डंपर बिना रोक-टोक क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन कोई निगरानी नहीं है।
अब घरघोड़ा में सवाल सिर्फ राखड़ का नहीं, व्यवस्था की पारदर्शिता का है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला किसानों की आजीविका, पर्यावरण सुरक्षा और शासन की विश्वसनीयता—तीनों पर भारी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन जवाब देता है या फिर यह “राखड़ राज” और गहराता है—इस पर सबकी नजर टिकी है।


Spread the love