Categories

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

31/05/2026

गरीब छात्रों का हक छीनने का आरोप: सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, फर्जी आय प्रमाण पत्र से लिया योजना का लाभ….

Spread the love

आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला

जशपुर। शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में कथित धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जशपुर जिले में एक सरकारी शिक्षक पर अपनी वास्तविक आय छिपाकर सरकारी योजना का लाभ लेने का आरोप सिद्ध होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने थाना पत्थलगांव में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि ग्राम जामझोर निवासी शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी वार्षिक आय को वास्तविकता से काफी कम दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया। आरोप है कि इसी आधार पर उसने अपनी पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत निःशुल्क शिक्षा के लिए प्रवेश दिलाया।

मामले की जांच शुरू होने पर पुलिस ने संबंधित विभागों से दस्तावेज और अभिलेख जुटाए। जांच में सामने आया कि आरोपी की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये से अधिक थी, जबकि दस्तावेजों में आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, गलत जानकारी और कथित रूप से भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त किया गया।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि कोई अपात्र व्यक्ति इस प्रकार योजनाओं का लाभ प्राप्त करता है तो उसका सीधा असर उन जरूरतमंद और मेधावी छात्रों पर पड़ता है, जिनके लिए ऐसी योजनाएं बनाई गई हैं। यही कारण है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की।

पुलिस ने बताया कि विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपी को 30 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी या धोखाधड़ी के माध्यम से लाभ लेने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेने के लिए गलत जानकारी का सहारा लेते हैं।


Spread the love