हादसे में खुला अपहरण गैंग का राज, बोलेरो से मिले अगवा दो मासूम बच्चे…
सत्यम गौड़। बरेली
सीबीगंज क्षेत्र के बड़ा बाईपास पर हुए भीषण सड़क हादसे ने अब चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि बोलेरो कार में सवार लोग आम यात्री नहीं बल्कि एक सक्रिय अपहरण गिरोह के सदस्य थे। हादसे में तीन बदमाशों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
हादसे के बाद पुलिस को कार से दो मासूम बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। बाद में उनकी पहचान गुरुग्राम से अगवा किए गए मयूर (6) और लक्ष्य (3) के रूप में हुई। दोनों बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 निवासी ऑटो चालक मनोज अपने दोनों बच्चों के साथ शनिवार शाम से लापता थे। उनकी पत्नी पूजा ने रविवार को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जानकारी के मुताबिक, मनोज बच्चों को साथ लेकर सवारी छोड़ने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में मंदिर के पास उनका ऑटो खड़ा मिला, जबकि तीनों गायब थे।
परिजनों के अनुसार देर रात मनोज के मोबाइल से कॉल आई थी, जिसमें बदमाशों ने पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने कुछ समय के लिए मनोज और बच्चों से बात भी करवाई, जिससे परिवार दहशत में आ गया। बदमाशों ने चार घंटे में छोड़ने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद फोन बंद हो गया।
रविवार देर रात बरेली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क कर बताया कि हादसे वाली बोलेरो से दो बच्चे बरामद हुए हैं। फोटो भेजे जाने पर मां ने दोनों की पहचान की पुष्टि की।
जांच में सामने आया कि हादसे में मारा गया एक बदमाश फरीदपुर क्षेत्र का निवासी था, जबकि अन्य आरोपियों के तार रामपुर और पीलीभीत से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि मनोज और उसके बच्चों का अपहरण फिरौती या रंगदारी वसूलने के इरादे से किया गया था।
इस बीच बरेली पुलिस ने सर्विलांस की मदद से अपहृत मनोज को भी बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का मामला है, जिसका जल्द ही पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।









