नगर पालिका की लापरवाही पर सवाल: बदबूदार जलभराव में डूबी होली की परंपरा, प्रशासन मौन…
- घर से दफ्तर तक सीमित नगर पालिका अध्यक्ष, गलियों की गंदगी नहीं दिखती—जनता बेहाल

सत्यम गौड़। फरीदपुर।
फरीदपुर के मोहल्ला परा में साईं बाबा मंदिर के सामने वाली गली पिछले कई महीनों से गंदे जलभराव में तब्दील है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा है। हालात यह हैं कि आम लोग बदबूदार और संक्रमित पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं।
इसी स्थान पर हर वर्ष मोहल्ले की होली रखी जाती है, लेकिन जलभराव के कारण अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर होलिका दहन और आखत डालने जैसी परंपराएं कैसे निभाई जाएंगी। त्योहार से पहले भी समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
वार्ड संख्या 6 के सभासद राजकुमार द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका से पत्राचार भी किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी न कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही जलनिकासी की कोई व्यवस्था कराई गई।
इस संबंध में एडवोकेट देवेश पांडे ने कहा कि यह मामला सिर्फ असुविधा का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार जलभराव के बावजूद नगर पालिका की चुप्पी प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष केवल अपने घर से सीधे नगर पालिका कार्यालय तक सीमित रहते हैं, मोहल्लों में झांकने की जरूरत तक नहीं समझते। जनता का कहना है कि विकास कार्य कागजों में दिखाए जाते हैं, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल गलियों में साफ नजर आती है।
मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर पालिका के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।







