आर्यवेद महाविद्यालय में डिजिटल उपवास व साइबर सुरक्षा पर विशेष शिविर…
सत्यम गौड़। बरेली
आर्यदेव महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन मंगलवार को ग्राम बाकरणगंज में स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेविकाओं द्वारा विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य एवं प्रबंधक डॉ. निलुफर सैफी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। स्वयंसेवकों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस दिन की मुख्य थीम “डिजिटल उपवास एवं साइबर सुरक्षा” रही। स्वयंसेवकों ने डिजिटल माध्यम से बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और मैसेज के जरिए होने वाली धोखाधड़ी तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. निलुफर सैफी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और थोड़ी सी लापरवाही व्यक्ति को आर्थिक एवं मानसिक क्षति पहुँचा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते, आधार संख्या, एटीएम कार्ड, ओटीपी आदि की गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शमीम एजाज ने “डिजिटल उपवास” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग आवश्यक है। सप्ताह में एक दिन डिजिटल उपवास रखने से मानसिक शांति, पारिवारिक संवाद और एकाग्रता में वृद्धि होती है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से डिजिटल उपकरणों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया।
शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान भी चलाया तथा ग्रामीणों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राएं— सौरभ, अमन, आदित्य, शीतल, मधुर, रितु, सृष्टि, रितेश, रोहन, सुजीत आदि उपस्थित रहे। महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं ग्रामवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शमीम एजाज ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा आगामी दिवस की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।







