फरीदपुर पालिका में सत्ता का विस्फोट, सभासदों ने अध्यक्ष की कुर्सी पर चला दी धारा 48 की मिसाइल…
💥 धैर्य टूटा, आर-पार की लड़ाई शुरू—फरीदपुर पालिका में अध्यक्ष के खिलाफ बगावत
नगर पालिका परिषद फरीदपुर में बुधवार को नगर की राजनीति उस समय गरमा गई, जब सभासदों ने पालिका अध्यक्ष के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। सभासदों ने अध्यक्ष पर मनमाने फैसले लेने, जनहित के कार्यों में बाधा डालने और नियमों की अनदेखी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन कर रहे सभासदों ने जिलाधिकारी बरेली के नाम एक ज्ञापन अधिशासी अधिकारी को सौंपा, जिसमें नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत जांच कर अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की गई। सभासदों का कहना है कि अध्यक्ष की कार्यशैली के चलते पालिका का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
सभासदों के अनुसार, बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद 35 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों का अक्टूबर–नवंबर 2023 का वेतन अब तक नहीं दिया गया है, जबकि संबंधित फाइलों को अधिशासी अधिकारी स्तर से स्वीकृति मिल चुकी थी। इसी तरह जिलाधिकारी की अनुमति से कराए गए विकास कार्यों के भुगतान पर भी अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने से पीएफएमएस के आदेश निरस्त हो गए।
इतना ही नहीं, फरवरी 2024 से स्वीकृत आपूर्ति कार्यों की खरीद प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से अब तक पूरी नहीं की गई। सभासदों ने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से कोई बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई, जिससे नगर के जरूरी निर्णय लंबित पड़े हैं।
सभासदों ने यह भी आपत्ति जताई कि अध्यक्ष कार्यालय में बैठने के बजाय निजी आवास से कार्य कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक आश्रित कर्मचारी के भुगतान, नगर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और पथ-प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
प्रदर्शन के दौरान पालिका परिसर में नारेबाजी होती रही, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा। ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए अधिशासी अधिकारी पुनीत कुमार ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटनाक्रम के बाद फरीदपुर की नगर राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।







