खौफनाक ख्वाब बना कातिल: फरीदपुर में चाचा ने भतीजे की ली जान…
💥 सपने में अपनी हत्या देख आपा खोया, सोते समय फावड़े से किया था हमला!
सत्यम गौड़। फरीदपुर
फरीदपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सपने में अपनी हत्या होते देखने के बाद एक चाचा ने सुबह होते ही सोते हुए भतीजे पर फावड़े से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भतीजा करीब एक माह तक जिंदगी से जूझता रहा, लेकिन मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना नगरिया बिलौआ गांव की है। गांव निवासी नरेश पाल (40) कुछ वर्ष पहले फरीदपुर की रेशम बाग कॉलोनी में परिवार के साथ रहने लगे थे। उनके चाचा वेदपाल गांव में अकेले रहते थे और अविवाहित थे। 20 जनवरी को नरेश चाचा को अपने घर फरीदपुर ले आए थे।
पुलिस के अनुसार 25 जनवरी की सुबह तड़के नरेश घर के अंदर सो रहे थे, जबकि पास ही चाचा वेदपाल चारपाई पर लेटे थे। अचानक वेदपाल ने फावड़े से नरेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से नरेश मौके पर ही बेहोश हो गए। उनकी पत्नी सुनीता उन्हें लहूलुहान हालत में थाने लेकर पहुंची, जहां वेदपाल के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी वेदपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं नरेश का इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत में सुधार न होने पर करीब एक महीने बाद मंगलवार सुबह नरेश ने दम तोड़ दिया।
- सीओ संदीप सिंह ने बताया कि घायल की मौत के बाद केस की धाराओं में बदलाव किया जा रहा है। आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
जमीन बना विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया है कि वेदपाल के नाम गांव में करीब ढाई बीघा कृषि भूमि थी। नरेश उसे अपने नाम कराने की बात कह रहे थे, जबकि वेदपाल इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर घटना से एक रात पहले दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
पूछताछ के दौरान वेदपाल ने पुलिस को बताया कि हमले वाली सुबह उसने सपना देखा था कि जमीन के विवाद में नरेश ने उसकी हत्या कर दी है। इसी डर और मानसिक उथल-पुथल में उसने फावड़े से हमला कर दिया।







