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12/02/2026

याद आए ‘दिनेश बहादुर’: डीएम बंगले पर उमड़ा पूरा शहर प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने दी भावभीनी पुष्पांजलि…

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सत्यम गौड़। बरेली

संवाददाता बरेली। जिले के प्रशासनिक परिवार में बुधवार को भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब जिलाधिकारी अविनाश सिंह के पिता एवं चर्चित सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी दिनेश बहादुर सिंह की पुण्य आत्मा की शांति के लिए सिविल लाइंस स्थित डीएम आवास पर भव्य श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। 29 जनवरी को उनके निधन के बाद आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में समाज के हर वर्ग की उल्लेखनीय उपस्थिति ने उनके व्यक्तित्व और प्रभाव को जीवंत कर दिया।

      कार्यक्रम में एडीजी रमित शर्मा, बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी, डीआईजी अजय साहनी, एसएसपी अनुराग आर्य सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। अधिकारियों ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए उनके लंबे और निष्कलंक प्रशासनिक जीवन को याद किया।
        तेरहवीं संस्कार के अवसर पर विधिवत शांति पाठ और भावपूर्ण भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजनों की मधुर ध्वनि और श्रद्धा से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद ब्राह्मण भोज एवं विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

      श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा, राजनीति, चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों की भी प्रभावशाली मौजूदगी रही। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह, नगर आयुक्त संजीव मौर्य, सीडीओ देवयानी, मेयर डॉ. उमेश गौतम, ईशान ग्वाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशफाक सकलैनी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने डीएम अविनाश सिंह को सांत्वना दी।

       वक्ताओं ने कहा कि दिनेश बहादुर सिंह ने अपने सेवाकाल में ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की जो मिसाल कायम की, वह प्रशासनिक सेवा में आने वाले अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक रहेगी। उनका व्यक्तित्व केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं था, बल्कि वे समाज के लिए प्रेरणा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का प्रतीक थे।
      श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित कर दिया कि एक सच्चे कर्मयोगी की पहचान पद से नहीं, बल्कि उसके द्वारा छोड़ी गई अमिट छाप से होती है।


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