गोशालाओं में गौमाता का दर्द: भूख-बीमारी से 25 गायों की मौत, सांसद नीरज मौर्य ने उठाई आवाज़…
सत्यम गौड़। बरेली
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में गोवंश संरक्षण की हकीकत बेहद चिंताजनक होती जा रही है। सड़कों पर आवारा घूमते गोवंश और सरकारी गोशालाओं की बदहाल हालत ने गौ सेवा की पोल खोल दी है। आंवला क्षेत्र की एक गोशाला में भूख और बीमारी के कारण लगभग 25 गायों की मौत हो जाने से प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है। गोशालाओं में न तो पर्याप्त चारा है, न साफ पानी और न ही पशु चिकित्सकों की नियमित व्यवस्था। परिणामस्वरूप गायें तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है।
सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि गोशालाओं की लापरवाही का सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है। आवारा गोवंश खेतों में घुसकर फसलों को चौपट कर रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान हैं। सरकार की नीतियों की असफलता का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है।
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की कि पूरे देश के लिए एक स्वतंत्र और शक्तिशाली गोवंश संरक्षण आयोग का गठन किया जाए, जो गोशालाओं की नियमित निगरानी करे, दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे और गायों के संरक्षण के लिए ठोस नीति लागू करे।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि जब तक गौ सेवा को कागज़ों से निकालकर ज़मीनी स्तर पर लागू नहीं किया जाएगा, तब तक न गोवंश सुरक्षित होगा और न ही किसान। यह मुद्दा आस्था, संवेदना और मानवता से जुड़ा है, जिसे किसी भी कीमत पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।




