रायगढ़ में इंसानियत की मिसाल: रास्ता भटककर भटकती रही महिला, पुलिस ने ढूंढ निकाला परिवार, सुरक्षित कराया मिलन…
रायगढ़। अक्सर पुलिस की पहचान अपराधियों पर कार्रवाई से जुड़ी होती है, लेकिन रायगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पुलिस के संवेदनशील चेहरे को भी उजागर कर दिया। मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला शहर की सड़कों पर भटक रही थी और बार-बार सिर्फ एक ही बात कह रही थी—”मुझे सक्ती छोड़ दो।”
श्री साईं हेरिटेज, ढिमरापुर के पास लोगों ने महिला की असामान्य स्थिति देखकर तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित कोतवाली थाना लेकर आई। पूछताछ के दौरान महिला अपना नाम तो बता सकी, लेकिन न घर का पता याद था और न ही किसी परिजन का मोबाइल नंबर। ऐसे में पुलिस ने जल्दबाजी करने के बजाय संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला को रातभर सुरक्षित रखने के लिए सखी सेंटर भेज दिया।
इसके बाद कोतवाली पुलिस ने महिला की पहचान के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। उसका फोटो विभिन्न सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा किया गया। अगले ही दिन कुछ लोग थाना पहुंचे और एक गुमशुदा महिला की जानकारी देने लगे। पुलिस ने जब फोटो दिखाया तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत महिला की पहचान अपने परिवार की सदस्य के रूप में कर ली।
परिजनों ने बताया कि महिला मानसिक बीमारी से पीड़ित है और कई बार अचानक घर से निकल जाती है। उसका मायका रायगढ़ और ससुराल सक्ती में है। इन दिनों वह मायके में रह रही थी, जहां से बिना बताए निकल गई थी।
सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। अपनों से मिलते ही परिवार की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने रायगढ़ पुलिस की तत्परता, मानवीय सोच और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम और डायल-112 के जवानों की सक्रिय भूमिका रही। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए भी पूरी संवेदनशीलता के साथ हमेशा तैयार रहती है।













