धरमजयगढ़ ट्रैक्टर हादसा: साक्ष्य छुपाने का खुलासा, आरोपी पर बढ़ी धाराएं
रायगढ़, 2 मई 2026।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में हुई मौत के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य को छुपाने का प्रयास किया गया था। इस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं जोड़ दी हैं।
मीडिया में प्रसारित खबरों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने मामले की जांच SDOP धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को सौंपी। जांच में सामने आया कि घटना स्थल से मूल ट्रैक्टर को हटाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
🔹 घटना का विवरण
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को कमल सिंह मांझी (निवासी अम्बेटिकरा) द्वारा थाना धरमजयगढ़ में सूचना दी गई कि फुलजेंस मिंज अपने ट्रैक्टर को मांड नदी में धोने ले गया था। इस दौरान हाइड्रोलिक पाइप फटने से ट्रॉली नीचे गिर गई, जिससे सहेसराम मांझी गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
🔹 घटनास्थल निरीक्षण
सूचना में लगभग 2 घंटे की देरी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल ट्रॉली मौके पर मिली। शव को ट्रॉली के नीचे से निकालकर जमीन पर रखा गया था। प्रारंभिक बयान में लाल ट्रैक्टर का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
🔹 साक्ष्य छुपाने का खुलासा
विस्तृत जांच में सामने आया कि घटना में प्रयुक्त लाल रंग का महिंद्रा ट्रैक्टर ही असली वाहन था, जिसे आरोपी फुलजेंस मिंज (उम्र 46 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुर) द्वारा मौके से हटाकर उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर खड़ा कर दिया गया था। यह कृत्य पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से किया गया।
🔹 कानूनी कार्रवाई
मामले में आरोपी फुलजेंस मिंज के विरुद्ध:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) – लापरवाही से मृत्यु कारित करना
धारा 238 BNS – साक्ष्य छुपाना
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 – लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना
के तहत अपराध क्रमांक 116/2026 दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
🔹 SSP का सख्त संदेश
SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा—
👉 “किसी भी घटना में साक्ष्य छुपाने या पुलिस को गुमराह करने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आरोपियों को कानून से बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा।”









