जंगल में बच्चों संग ‘चार’ खाते दिखे ग्रामीण—कहा: यही है असली खुशी, शहर में नहीं मिलता ये सुकून!…
राजू किर्ती चौहान और पत्रकार धीरज बरेठ बोले—प्रकृति के बीच बिताए पल ही जीवन की असली दौलत
आवाम की आवाज़ न्यूज़//भुनेश्वर निराला
गांव के सादगी भरे जीवन की एक खूबसूरत झलक उस वक्त देखने को मिली, जब स्थानीय ग्रामीण और बच्चे जंगल में एक साथ ‘चार’ (केंदु) का आनंद लेते नजर आए। इस दौरान राजू किर्ती चौहान और पत्रकार धीरज बरेठ ने कहा कि ऐसे पल दिल को सच्चा सुकून देते हैं, जो शहरों की भागदौड़ में कहीं खो जाता है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ पेड़ों की छांव में बैठकर फल खाना, उनकी खिलखिलाती हंसी सुनना और मिट्टी की सोंधी खुशबू महसूस करना—ये सब मिलकर एक अलग ही दुनिया का एहसास कराते हैं। यहां न कोई तनाव है, न दिखावे की दौड़… बस अपनापन और सुकून।
उनका कहना है कि प्रकृति के बीच बिताए ऐसे पल न सिर्फ यादगार बनते हैं, बल्कि इंसान को उसकी जड़ों से जोड़ते हैं। आज के समय में जब हर कोई शहर की तेज रफ्तार जिंदगी में उलझा हुआ है, तब गांव का ये सरल जीवन एक नई सीख देता है—खुशी बड़ी चीजों में नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों में छुपी होती है।










