फ्लाई ऐश डंपिंग पर भ्रम खत्म: कुटेला में सिर्फ गड्ढेयुक्त जमीन पर अनुमति कुटेला मामले में प्रशासन का बड़ा खुलासा, 5 स्थानों पर वैध फ्लाई ऐश भराव
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कुटेला में फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जानकारी के अनुसार, पुराने पत्थर खदानों में फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति नहीं दी गई है, बल्कि शासकीय एवं निजी गड्ढेयुक्त भूमि पर भू-भराव के उद्देश्य से अनुमति जारी की गई है।
यह विषय उस समय चर्चा में आया था जब क्षेत्रीय विधायक द्वारा विधानसभा में इस संबंध में प्रश्न उठाया गया था। इसके बाद कुछ स्थानीय मीडिया में भी इस मुद्दे को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक की।
अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाई ऐश का उपयोग गड्ढेयुक्त भूमि को समतल एवं उपयोगी बनाने के लिए किया जा रहा है। यह अनुमति क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायगढ़ द्वारा केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना (31 दिसंबर 2021) एवं राज्य स्तर पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदान की गई है।
अनुमति देने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति भी ली गई है। इसमें राजस्व विभाग, कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) तथा नगरपालिका परिषद सारंगढ़ शामिल हैं।
जिले के ग्राम कुटेला में इस प्रकार के भू-भराव कार्य के लिए कुल 5 स्थानों पर अनुमति दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया से किसी भी जल स्रोत को नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है।












