ग्राम पंचायत पड़ेरा में जांच में खुली अनियमितताओं की परतें, कई विकास कार्यों पर उठे सवाल…
सत्यम गौड़। फरीदपुर
- सचिवालय बंद, नाला व इंटरलॉकिंग निर्माण में गड़बड़ी, सुविधाओं के नाम पर खर्च पर संदेह
फरीदपुर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत पड़ेरा में अधिकारियों की जांच के दौरान विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के संकेत सामने आए हैं। शिकायतों के आधार पर पहुंची जांच टीम ने गांव में कराए गए विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां पाई गईं।

निरीक्षण के दौरान ग्राम सचिवालय बंद मिला, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है। वहीं नाला निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी और मानकों की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। गांव की साफ-सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई, जिससे स्वच्छता अभियान की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग कार्य घटिया स्तर का किया गया है। कुछ सड़कों को, जो पहले से बनी हुई थीं, उन्हें उखाड़कर दोबारा निर्माण दिखाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

इसके अलावा सामुदायिक शौचालय बंद मिले और उनमें साफ-सफाई का अभाव देखा गया। ग्राम सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे, सोलर पैनल और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलीं, जबकि इन मदों में खर्च दर्शाया गया है।

जांच टीम ने मौके पर ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए, जिसमें कई लोगों ने विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतें दोहराईं। पूरी जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।









