सहजपाली पंचायत में भ्रष्टाचार का ‘पंचनामा’! सरपंच-सचिव पर फिर गंभीर आरोप, रिश्तेदारों को फर्जी वेंडर बनाकर लाखों की बंदरबांट?…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
बरमकेला | सारंगढ़-बिलाईगढ़ ग्राम पंचायत सहजपाली में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और पंचायत निधि के दुरुपयोग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पंचायत प्रशासन पर विकास कार्यों की आड़ में सरकारी धन के बंदरबांट, नियम विरुद्ध भुगतान और परिजनों को लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40(ग) के तहत दूसरी बार औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
शिकायत में सरपंच श्रीमती सत्या इजारदार और पंचायत सचिव पर आरोप लगाया गया है कि पंचायत के निर्माण और विकास कार्यों में नियमों को दरकिनार कर सरपंच के करीबी रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया। आरोप यह भी है कि सरपंच पति को ही कथित रूप से “फर्जी वेंडर” के रूप में दर्शाकर पंचायत निधि से भुगतान किया गया, जो गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की ओर संकेत करता है।
कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन का दावा
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मामला पंचायती राज अधिनियम की धारा 40(ग) और धारा 92 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत भी जांच योग्य है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पद के दुरुपयोग और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आएगा
पहली जांच पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में की गई जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई और वास्तविक तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई। इसी कारण दूसरी बार शिकायत करने की नौबत आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली जांच निष्पक्ष होती तो पंचायत में कथित भ्रष्टाचार की परतें पहले ही खुल जातीं।
2020 से 2026 तक के रिकॉर्ड की मांग
शिकायत में पंचायत के पिछले छह वर्षों के सभी वित्तीय लेन-देन, विकास कार्यों, वेंडर सूची, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड की गहन जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि—
सभी वेंडरों की वास्तविकता की जांच हो
निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए
नियम विरुद्ध भुगतान की राशि की वसूली हो
दोषी पाए जाने पर सरपंच और सचिव पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो
प्रशासन की निष्पक्षता पर नजर
मामले ने पंचायत प्रशासन और जनपद पंचायत बरमकेला की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत राज व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण विकास है, न कि व्यक्तिगत लाभ। यदि इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आंदोलन और उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी दी है।
जनता के बीच बढ़ा आक्रोश
सहजपाली में अब यह मुद्दा सिर्फ पंचायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस बार निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर मामला एक बार फिर कागजों में दबकर रह जाएगा।









