पालिका में चार महीने से सन्नाटा, बोर्ड बैठक और विकास कार्य ठप…
अध्यक्ष व अफसरों की गैरमौजूदगी से काम प्रभावित, जनता को झेलनी पड़ रही परेशानियां
सत्यम गौड़। फरीदपुर
नगर पालिका में पिछले करीब चार महीनों से कामकाज लगभग ठप पड़ा हुआ है। बोर्ड बैठक न होने और विकास कार्यों में ठहराव के चलते शहर की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पालिका कार्यालय में न तो नियमित रूप से अध्यक्ष पहुंच रहे हैं और न ही संबंधित अधिकारी, जिसके कारण आवश्यक निर्णय लंबित पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछली बोर्ड बैठक के बाद से अब तक कोई नई बैठक आयोजित नहीं की गई है। बैठक न होने से विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर नहीं लग पा रही, जिससे सड़क, नाली, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई मोहल्लों में जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पालिका की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि अधिकारी कार्यालय में कम ही नजर आते हैं, जिससे आम जनता को अपने काम के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पालिका में प्रशासनिक समन्वय की कमी भी स्थिति को बिगाड़ रही है। विकास कार्यों के लिए जरूरी योजनाएं फाइलों में अटकी हुई हैं और बजट होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। इससे शहर के विकास की गति पूरी तरह थम सी गई है।
इस संबंध में जब पालिका अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। वहीं, स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द बोर्ड बैठक आयोजित कर लंबित कार्यों को शुरू कराने की मांग की है, ताकि शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सके।









