जबलपुर क्रूज त्रासदी: 48 घंटे बाद भी थमा नहीं दर्द, 5 साल के दो मासूमों के शव मिलने से मौतों का आंकड़ा 11…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुई भयावह क्रूज दुर्घटना ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे के दो दिन बाद भी दर्द कम नहीं हुआ, बल्कि और गहरा हो गया जब रेस्क्यू टीम को पानी से दो और मासूम बच्चों के शव मिले। दोनों बच्चों की उम्र महज 5 साल थी। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मृतकों में एक बच्चे की पहचान विराज सोनी के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता के साथ सैर के लिए क्रूज पर गया था। वहीं दूसरे बच्चे का नाम तमिल बताया जा रहा है, जिसके माता-पिता अभी भी लापता हैं। यह खबर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा रही है।
अचानक सतह पर आया शव, सिहर उठा हर कोई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय विराज का शव अचानक पानी की सतह पर आ गया, जिसे देख मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। तुरंत रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर निकालकर आगे की प्रक्रिया शुरू की। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
अब भी जारी है तलाश
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन के मुताबिक, अभी भी कुछ लोग लापता हैं और उनकी खोज जारी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
30 अप्रैल की शाम, जब पर्यटकों से भरी क्रूज बोट डैम के बीच टापू के आसपास घूम रही थी, तभी अचानक मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया। तेज आंधी और 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने कुछ ही मिनटों में हालात बदल दिए। क्रूज का संतुलन बिगड़ा और देखते ही देखते वह पानी में समा गई।
बताया जा रहा है कि उस समय बोट में करीब 40-45 लोग सवार थे। इनमें से 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग हादसे का शिकार हो गए।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों के टूटने की कहानी बन गया है। मासूम बच्चों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी और को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।









