घर बैठे बन रहे बिजली बिल! हथबंद विद्युत विभाग में मीटर रीडिंग पर बड़ा सवाल
रिपोर्टर – दिलीप वर्मा
हथबंद क्षेत्र में बिजली बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल ने पारदर्शिता के लिए फोटो स्पॉट मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग की व्यवस्था लागू की है, जिसमें मीटर रीडर को उपभोक्ता के घर जाकर मीटर की रीडिंग लेते समय उसकी फोटो लेकर उसी समय बिजली बिल निकालकर देना होता है।
लेकिन हथबंद विद्युत विभाग में कार्यरत मीटर रीडर महंत निर्मलकर पर आरोप है कि वे इस नियम को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मीटर रीडर द्वारा घर बैठे ही कम-कम यूनिट का बिजली बिल तैयार कर अगले दिन उपभोक्ताओं में बांटा जा रहा है, जबकि मौके पर जाकर वास्तविक मीटर रीडिंग नहीं ली जा रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि 6–7 महीनों तक कम _कम यूनिट का बिल दिया जाता है, और फिर अचानक मीटर देखकर एकमुश्त हजारों यूनिट का भारी भरकम बिजली बिल थमा दिया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।
बताया जा रहा है कि ग्राम उडेला, मोहभट्टा और कोलिहा में जनवरी-फरवरी 2025 में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, लेकिन इसके बाद करीब 8 महीनों तक कम यूनिट के बिजली बिल घर बैठे ही निकालकर बांटे गए।
इसके बाद नवंबर और दिसंबर 2025 में हजारों यूनिट का एकमुश्त बिजली बिल उपभोक्ताओं को दिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
ताजा मामला ग्राम कोलिहा का है, जहां इस माह 07 मार्च 2026 को घर बैठे बिजली बिल तैयार किया गया और 08 मार्च 2026 को उपभोक्ताओं में वितरण किया गया, जबकि बिल में वर्तमान रीडिंग की तारीख 07-03-2026 दर्ज है।
इसी तरह 08 फरवरी 2026 को बिल तैयार कर 09 फरवरी को वितरण, और ग्राम मोहभट्टा में 13 फरवरी 2026 को बिल तैयार कर 14 फरवरी को वितरण किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि मीटर रीडर द्वारा फोटो स्पॉट मीटर रीडिंग के नियमों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से बिलिंग की जा रही है, जिससे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गलत मीटर रीडिंग की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी बताई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
अब सवाल यह उठता है कि
क्या बिजली विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान हैं, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं?
अगर जल्द ही इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो गलत बिलिंग का खामियाजा सैकड़ों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, और लोगों का भरोसा बिजली विभाग की व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है।








