योगेश यादव हत्याकांड: शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन…
▪️पुलिस से की कड़ी कार्रवाई की मांग
सत्यम गौड़। फरीदपुर
विधि छात्र योगेश यादव की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर इंस्पेक्टर से मुलाकात की और फरार चल रहे आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान थाने परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
बताया जाता है कि लगभग एक माह पूर्व नवादा बिलसंडी गांव निवासी 20 वर्षीय विधि छात्र योगेश यादव की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। मृतक के भाई अधिवक्ता मनोज यादव की तहरीर पर ग्राम प्रधान रामरहीस, उनके भाई रामऔतार, भतीजे सुमित, राम खिलाड़ी सहित अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुमित समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन अन्य नामजद आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरत रही है, जिससे पीड़ित परिवार में असंतोष है।
सिविल न्यायालय से जुड़े बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर से वार्ता करते हुए कहा कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है।
दरोगा पर अभद्र व्यवहार का आरोप
इस दौरान अधिवक्ताओं ने एक अन्य प्रकरण का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि हाल ही में एक अधिवक्ता और उनके परिजनों पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग करने पर संबंधित दरोगा ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अधिवक्ताओं ने इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उच्चाधिकारियों से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
इंस्पेक्टर ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। थाने पर मौजूद अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।




