दुपट्टे से गला कसकर महिला की हत्या, तालाब किनारे कीचड़ में दबाया शव, नहीं हो सकी पहचान…
सत्यम गौड़। फरीदपुर
सार
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के नवादा वन गांव में मंगलवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला का शव तालाब के किनारे कीचड़ में दबा मिला। उसके गले में दुपट्टा कसा हुआ है। मृतका की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।
विस्तार
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के नवादा वन गांव में मंगलवार को तालाब किनारे महिला का शव कीचड़ व काई में दबा मिला। कुत्ते जब शव को कीचड़ से खींच रहे थे, तब ग्रामीणों ने देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव निकाला तो महिला के गले में दुपट्टा कसा मिला। शव की पहचान नहीं हो सकी।
फरीदपुर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम चमन सिंह भड़ाना ने बताया कि नवादा वन गांव के रकबे में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन के पास तालाब किनारे महिला का शव कीचड़ व काई से ढका हुआ मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची तो शव निकलवाया गया। शव किसी शादीशुदा महिला का था, जिसकी उम्र लगभग 29 वर्ष लग रही थी।
उसके गले में दुपट्टा कसा हुआ था, इससे लग रहा था कि उसकी हत्या करके शव यहां छिपाने की कोशिश की गई है। चूंकि पितांबरपुर रेलवे स्टेशन से यह स्थान कुल 500 मीटर दूर है, तो आशंका ये भी जताई जा रही है कि ट्रेन में किसी अपराध के बाद हत्या कर शव तालाब में छिपाने की कोशिश की गई हो। शव एक या दो दिन ही पुराना लग रहा है।
इंस्पेक्टर की मनमानी : फॉरेंसिक टीम को नहीं बुलाया
तीन नए कानून लागू होने के बाद तकनीकी साक्ष्यों को कोर्ट ने न केवल मान्यता दी है, बल्कि इन्हें अनिवार्य भी कर दिया है। ऐसे में सामान्य मामलों में भी मौके पर फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वैड को बुलाया जा रहा है। एसएसपी अनुराग आर्य भी इस मामले में पूरी सख्ती दिखाते हैं। बावजूद फरीदपुर थाना प्रभारी राधेश्याम ने हत्या से जुड़े गंभीर मामले में जिला मुख्यालय पर सूचना देकर फॉरेंसिक टीम बुलाना जरूरी नहीं समझा। मनमानी कार्यशैली को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
” एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि प्राथमिक तौर पर मामला हत्या का ही लग रहा है। शव की पहचान नहीं हो सकी है। हो सकता है कि हत्या कहीं और कर शव यहां छिपाने की कोशिश की गई हो। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। महिला की पहचान कराने का प्रयास भी प्राथमिकता होगी। “




