NEET पेपर के बाद बड़ा राजनीतिक फ़ैसला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NTA में बड़ा स्तर पर कार्रवाई।।

नई दिल्ली। बिलासपुर और पूरे देश भर में NEET -U G 2026परीक्षा को लेकर बहुत ही बड़ा विवाद उठे बीच में केंद्र सरकार ने प्रशासनिक अहम कदम उठाया हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया गया हैं। और अब उनके स्तीफा के बाद पिछले कई दिनों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदारी की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी लड़ाई की अहम उपलब्धि बताया है। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी अन्य मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस्तीफे के साथ जारी अपने सार्वजनिक संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा विवाद के दौरान युवाओं के बीच कई तरह की भ्रामक जानकारियां फैलाई गईं, जिससे स्थिति और जटिल हुई। उन्होंने छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निष्पक्ष जांच और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
इधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफा उनकी अंतिम मांग नहीं है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और छात्रों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसी बीच सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में भी बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। परीक्षा प्रबंधन से जुड़े 47 अधिकारियों को सेवा से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे। परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी सुरक्षा मजबूत करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा करने तथा विशेषज्ञ पेशेवरों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत परीक्षा प्रबंधन में अनुभवी अधिकारियों और युवा विशेषज्ञों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया गया था। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एजेंसी जल्द ही अपनी विस्तृत चार्जशीट अदालत में पेश कर सकती है।
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम संबंधी कानून लागू कर चुकी है। इस कानून के तहत पेपर लीक, संगठित परीक्षा धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अनियमितताओं को सख्ती से दंडित करने का प्रावधान किया गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित सुधारों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू करती है तथा जांच एजेंसियों की कार्रवाई से छात्रों का भरोसा किस हद तक बहाल हो पाता है।
















