बिलासपुर में ग्रेन ATM : अब मशीन से मिलेगा गा राशन लाइन लगाने की जरूरत नहीं पढ़िए पूरी ख़बर …

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा क़दम उठाया है । की सर्जनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में अब बिलासपुर में राशन लेने के लिए लंबी लाइन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं। पड़ेगी सरकंडा थाना क्षेत्र में प्रदेश का आधुनिक अन्नपूर्णा ग्रेन ATM , तेजी से तैयार किया जा रहा है, जहां पात्र हितग्राही ATM की तरह अपने राशन निकाल कर प्राप्त कर सकेंगे।
शनिवार को छत्तीसगढ़ शासन की खाद्य संचालक फरिहा आलम ने निर्माणाधीन ग्रेन ATM का आकस्मिक निरीक्षण किया निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।
खाद्य संचालक ने कहा कि निरीक्षण के दौरान ग्रेन ATM शासन की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और हितग्राही-केंद्रित बनाना है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद पात्र हितग्राही मशीन के माध्यम से निर्धारित मात्रा में आसानी से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने ने बताते हुए कहा कि जैसे बैंक ATM से जरूरत की तरह नकदी निकली जाती हैं उसी तरह इस नयी व्यवस्था में पात्र लाभार्थी निर्धारित प्रकिया का पालन कर अपने हिस्से का राशन मशीन से प्राप्त किया जाएगा
उन्होंने बताया कि जैसे बैंक एटीएम से जरूरत के समय नकदी निकाली जाती है, उसी तरह इस नई व्यवस्था में पात्र लाभार्थी निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अपने हिस्से का राशन मशीन से प्राप्त करेंगे। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, मानव हस्तक्षेप कम होगा, समय की बचत होगी और खाद्यान्न वितरण अधिक सटीक व जवाबदेह बनेगा।
खाद्य संचालक ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने तथा आम नागरिकों को जल्द से जल्द इस सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी, जिला प्रबंधक नितिन दीवान, नगर निगम अभियंता रमनदीप छाबड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बातें:
– बिलासपुर के सरकंडा में बन रहा है ‘अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम’
– राशन लेने के लिए लंबी लाइन की नहीं होगी जरूरत
– मशीन से मिलेगा निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न
– वितरण प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह
– अधिकारियों को समय-सीमा में निर्माण पूरा करने के निर्देश
















