सारंगढ़ में ‘जी-रामजी’ की शुरुआत, अब ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी! डिजिटल सिस्टम से होगा भुगतान, विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार…
सारंगढ़। ग्रामीण रोजगार और विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को आधुनिक स्वरूप देते हुए केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत जी-रामजी’ अभियान की शुरुआत की है। इस नई पहल के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया गया, जिसे सारंगढ़ जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने देखा।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब पहले की तुलना में अधिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरी की दर में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।
नई योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति, नियमित ऑनलाइन अपडेट और समयबद्ध भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा, ताकि मजदूरों को बिना देरी के उनका पारिश्रमिक मिल सके।
योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा देना भी है। जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क निर्माण, आजीविका संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूल कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही जिन क्षेत्रों में विकास की जरूरत अधिक होगी, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम 2025’ विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह योजना तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होगी और गांवों में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, जनपद पंचायत सारंगढ़, बिलाईगढ़ एवं बरमकेला के अधिकारी, मनरेगा से जुड़े कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास की दिशा में शुरू हुई यह नई पहल आने वाले समय में रोजगार, पारदर्शिता और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से अहम मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि योजना का लाभ जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से ग्रामीणों तक पहुंच पाता है।













