महिला आरक्षण पर सियासत तेज: कांग्रेस नेता विधाता पटेल का भाजपा पर तीखा हमला…
महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
सारंगढ़ क्षेत्र के कांग्रेस नेता विधाता पटेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सिर्फ घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही। उनका आरोप है कि सरकार इस अहम मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय इसे टालने की कोशिश कर रही है।
पटेल ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा कानून पास होने के बावजूद उसे लागू करने की दिशा में स्पष्टता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इसे जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं से जोड़ देना महिलाओं के अधिकारों को अनिश्चित समय के लिए टालने जैसा है।
उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में शुरुआती और प्रभावी कदम कांग्रेस सरकारों के समय उठाए गए थे। स्थानीय निकायों में आरक्षण लागू होने से बड़ी संख्या में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला।
कांग्रेस नेता ने ‘नारी वंदन अधिनियम 2023’ को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि यह कानून अभी तक व्यवहार में नहीं दिख रहा है। उनके अनुसार, सरकार ने इसमें ऐसी शर्तें जोड़ दी हैं, जिससे इसका फायदा तुरंत नहीं मिल पा रहा।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल बनते ही इस मुद्दे को फिर से उछाला जा रहा है, जिससे साफ होता है कि इसे राजनीतिक रणनीति के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है।
पटेल ने कहा कि अब देश की महिलाएं पहले से ज्यादा जागरूक हैं और वे अपने अधिकारों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।









