कृषि विभाग के अधिकारी का कहर: दफ्तर में पत्रकार से मारपीट…
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 20 अप्रैल 2026
जिले के सारंगढ़ क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कृषि विभाग में पदस्थ अधिकारी प्रवीण पटेल पर एक पत्रकार के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी चिंता बढ़ाती है।
मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली से असंतुष्ट पत्रकार ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करने की बात कही। इसी बात से नाराज होकर अधिकारी आवेश में आ गए और कथित तौर पर कार्यालय परिसर के भीतर ही पत्रकार के साथ हाथापाई कर दी।
बड़ा सवाल:
जब किसी सरकारी कार्यालय में आम नागरिक द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, तो उस पर “सरकारी कार्य में बाधा” का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाती है।
👉 लेकिन जब खुद एक सरकारी अधिकारी कानून को हाथ में लेकर मारपीट करे, तो क्या उस पर भी वैसी ही सख्ती दिखाई जाएगी?
📹 CCTV बना सबसे बड़ा सबूत
बताया जा रहा है कि पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यदि यह फुटेज सामने आती है, तो यह मामले में निर्णायक सबूत साबित हो सकती है।
पत्रकार जगत में भारी आक्रोश
घटना के बाद सारंगढ़ के पत्रकारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पत्रकार संघ ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है कि वह इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या आरोपी अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होगी, या मामला दबा दिया जाएगा?
निष्कर्ष:
यह घटना सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार मानी जा रही है। अब देखना होगा कि कानून का डंडा सभी के लिए बराबर चलता है या नहीं।









