वंदे भारत में नशे का खेल! ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा, दो युवतियां गिरफ्तार
रायपुर। देश की हाई-प्रोफाइल और तेज रफ्तार ट्रेनों में गिनी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब एक चौंकाने वाले मामले को लेकर चर्चा में है। ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रहीं दो युवतियों को गांजा तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं बेहद चालाकी से नशीले पदार्थ को ट्रॉली बैग में छिपाकर ले जा रही थीं, ताकि किसी को शक न हो।
सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान जब बैग की तलाशी ली गई तो अंदर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। यह बरामदगी इतनी बड़ी थी कि मौके पर मौजूद अधिकारी भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि जब्त माल की कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तस्कर अब आम ट्रेनों ही नहीं, बल्कि प्रीमियम ट्रेनों को भी सुरक्षित रास्ता मानकर इस्तेमाल करने लगे हैं।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि जिन बैगों को सामान्य यात्रा सामान समझा जा रहा था, वही नशे की खेप से भरे निकले। बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही जांच गहराई से हुई, पूरा खेल सामने आ गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की निगरानी और संगठित तस्करी नेटवर्क पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। क्योंकि इतनी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर यात्रा करना किसी अकेले व्यक्ति का काम नहीं माना जा रहा।
इस घटना के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि आखिर नशे का जाल किस तेजी से फैल रहा है और किस तरह तस्कर नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं। वंदे भारत जैसी ट्रेन में इस तरह की बरामदगी ने साफ संकेत दे दिया है कि अब तस्करी के तौर-तरीके पहले से ज्यादा सुनियोजित और खतरनाक हो चुके हैं।
अगर समय रहते ऐसे नेटवर्क पर सख्त और लगातार कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। फिलहाल दो युवतियों की गिरफ्तारी ने एक बड़े नशा कारोबार की परत जरूर खोल दी है, लेकिन असली सवाल अब भी बाकी है—क्या इनके पीछे कोई और बड़ा चेहरा छिपा है?









