खुले ट्रांसफॉर्मर बॉक्स बन रहे मौत का जाल, बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा
बिलासपुर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली व्यवस्था की खामियां अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही हैं। कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मरों के सुरक्षा बॉक्स खुले पड़े हैं, कहीं उनके दरवाजे टूटे हुए हैं तो कहीं हाई वोल्टेज तार पूरी तरह उजागर नजर आ रहे हैं। यह स्थिति सिर्फ विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देती दिख रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर काम तो किया जाता है, लेकिन उसके बाद सुरक्षा इंतजामों को जैसे पूरी तरह भुला दिया जाता है। जिन ट्रांसफॉर्मरों को बंद और सुरक्षित रखा जाना चाहिए, वे खुले मुंह खड़े हैं। सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि ये खतरनाक पॉइंट कई बार रिहायशी इलाकों, गलियों, दुकानों और रास्तों के बिल्कुल पास लगे होते हैं, जहां हर दिन बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मवेशी गुजरते हैं।
बारिश का मौसम हो या नमी भरा वातावरण, ऐसे खुले बिजली उपकरण किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकते हैं। एक छोटी सी चिंगारी, हल्का करंट लीकेज या किसी अनजान व्यक्ति की मामूली छूअन भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। सवाल यह है कि आखिर विभाग किसी बड़े हादसे के इंतजार में क्यों बैठा है?
लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस बने रहते हैं। जिम्मेदार अधिकारी दफ्तरों में बैठकर सुरक्षा के दावे जरूर करते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। खुले ट्रांसफॉर्मर बॉक्स यह बता रहे हैं कि व्यवस्था कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई देती है।
अगर समय रहते इन खतरनाक जगहों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी जनहानि प्रशासन और बिजली विभाग दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर सकती है। अब जरूरत सिर्फ मरम्मत की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने की है, ताकि लोगों की जान से जुड़ी ऐसी लापरवाही पर रोक लग सके।









