खेलते-खेलते हुआ खौफनाक हादसा, लोहे की सरिया मासूम के गले के आर-पार
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दिल दहला देने वाली घटना, खाली प्लॉट में गिरी गेंद उठाने गया बच्चा जिंदगी और मौत से जूझता अस्पताल पहुंचा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर मां-बाप की चिंता बढ़ा दी है। खेलते समय घर से कुछ ही दूरी पर गया एक मासूम बच्चा अचानक ऐसे हादसे का शिकार हो गया, जिसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि बच्चा खाली प्लॉट में गिरी गेंद उठाने गया था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और वह वहां निकली लोहे की सरिया पर जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि सरिया बच्चे के गले के आर-पार हो गई।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग और परिजन बदहवासी में बच्चे की मदद के लिए दौड़े। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खेल का एक साधारण पल कुछ ही सेकंड में दर्दनाक त्रासदी में बदल जाएगा। घायल बच्चे को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया।
इस हादसे ने एक बार फिर उन लापरवाहियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जो अक्सर खाली प्लॉट, अधूरे निर्माण स्थल और खुले पड़े खतरनाक सरियों के रूप में हमारे आसपास मौजूद रहती हैं। बच्चों के खेलने की जगहों के आसपास ऐसी घातक लापरवाही कभी भी बड़ी अनहोनी को जन्म दे सकती है। अगर समय रहते ऐसे स्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो मासूम जिंदगियां इसी तरह खतरे में पड़ती रहेंगी।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में खुले निर्माण सामग्री, नुकीली सरिया और असुरक्षित प्लॉट प्रशासन तथा जिम्मेदार लोगों की अनदेखी का नतीजा हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कब गंभीरता दिखाई जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी जिंदगी भर का जख्म दे सकती है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे खुले और असुरक्षित स्थानों को तत्काल चिन्हित कर सुरक्षित किया जाए, ताकि फिर किसी मासूम को इस तरह की भयावह त्रासदी का सामना न करना पड़े।









