नवरात्रि से पहले बड़ा विवाद: “मांस की दुकानों पर लगे ताले”, संगठन ने खोला मोर्चा, प्रशासन पर दबाव…
सत्यम गौड़। फरीदपुर
नवरात्रि शुरू होने से पहले ही फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठन “राष्ट्रीय गौ सेवक” ने कोतवाली फतेहगंज पूर्वी में प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नवरात्रि के दौरान मीट, मछली, चिकन और अंडे की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
“19 से 27 मार्च तक पूरी तरह बंद हों दुकानें”
संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में साफ तौर पर लिखा गया है कि 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 तक नवरात्रि का पवित्र पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र में मांसाहार की दुकानों का खुलना और खुले में बिक्री करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, इसलिए इन्हें पूरी तरह बंद कराया जाए।

विकास ठाकुर ने उठाई आवाज
इस पूरे मामले में विकास ठाकुर (राष्ट्रीय गौ सेवक, फतेहगंज पूर्वी, बरेली) ने खुलकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान मांसाहार की बिक्री किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को इस पर तुरंत सख्त कदम उठाना चाहिए।
“आस्था से समझौता नहीं” – संगठन का कड़ा रुख
संगठन का कहना है कि यह सिर्फ मांग नहीं बल्कि धार्मिक आस्था का सवाल है। अगर इस दौरान मीट-मछली की दुकानें खुली रहीं, तो यह सीधे-सीधे श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा।
प्रभारी निरीक्षक पर बढ़ा दबाव
ज्ञापन सीधे प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली फतेहगंज पूर्वी (जनपद बरेली) को सौंपा गया है। अब पुलिस प्रशासन पर यह जिम्मेदारी आ गई है कि वह इस मामले में क्या फैसला लेता है।
कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है तनाव
इलाके में इस मांग के बाद माहौल संवेदनशील हो गया है। यदि प्रशासन ने समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया, तो यह मुद्दा बड़ा विवाद और टकराव का रूप ले सकता है।
व्यापारियों में हड़कंप
इस मांग के बाद मीट, मछली और अंडे के कारोबार से जुड़े व्यापारियों में बेचैनी साफ देखी जा रही है। सभी की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
ज्ञापन देने वालों में :
ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी पवन राज मिश्रा और शिवसेना तहसील प्रमुख विकास ठाकुर प्रमुख रूप से शामिल रहे।









