खरसिया में कस्टडी डेथ के बाद बवाल: NH-49 पर 3 घंटे चक्का जाम, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
रायगढ़/खरसिया।रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र के परासकोल में रमेश चौहान की पुलिस कस्टडी में तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत होने की घटना के बाद क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज़ ग्रामीणों और चौहान-गांड़ा समाज के लोगों ने खरसिया एसडीएम कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शुरुआती बातचीत काफी तीखी रही। बहस और नोकझोंक के बीच माहौल गरमा गया और आक्रोशित लोगों ने बोतल्दा के पास नेशनल हाईवे-49 पर पहुंचकर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। इस दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल, एसडीएम प्रवीण तिवारी, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों के साथ लंबी बातचीत चली, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों को कस्टडी में लेकर कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए। खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों की मांग के आधार पर जल्द ही मजिस्ट्रियल जांच कमेटी गठित की जाएगी। जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए समाज से पांच प्रतिनिधियों के नाम भी मांगे गए हैं, जो पूरे मामले में गांव और पीड़ित परिवार का पक्ष रखेंगे।
प्रशासन ने पीड़ित रमेश चौहान के परिवार को शासन की ओर से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। साथ ही पीड़ित की पत्नी को नियमानुसार कलेक्टर दर पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है। अंतिम संस्कार के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की ओर से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया।
जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए रायगढ़ के एसएसपी ने खरसिया थाना प्रभारी (टीआई) राजेश कुमार जांगड़े, चौकी जोबी के आरक्षक विशोप सिंह और थाना खरसिया के आरक्षक योगेश साहू को आगामी आदेश तक लाइन अटैच कर दिया है, ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।
इस आश्वासन के बाद फिलहाल ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ है, लेकिन मृतक रमेश चौहान के परिजनों और समाज के लोगों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि मौत के पीछे असली सच्चाई क्या है और दोषियों को सजा कब मिलेगी।
इस आंदोलन में रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और महासमुंद जिले से बड़ी संख्या में चौहान-गांड़ा समाज के पदाधिकारी और लोग पहुंचे थे। रायगढ़ जिले से समाज प्रमुख महावीर चौहान, जिला अध्यक्ष और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से जिलाध्यक्ष रामाधार चौहान, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष संजय चौहान, महंगू चौहान, धरम चौहान, सुदर्शन चौहान तथा महासमुंद से युवा प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजू कीर्ति चौहान समेत कई लोग मौजूद रहे।








