31/10/2026

रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा! इंदौर से चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क, 3 युवतियों समेत 5 आरोपी गिरफ्तार; डॉक्टर से ठगे थे ₹34.17 लाख…

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रायगढ़। शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर रायगढ़ के एक डॉक्टर से 34 लाख 17 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर नेटवर्क का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में कार्रवाई करते हुए तीन युवतियों और दो युवकों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में इंदौर के कॉल सेंटर से जुड़े नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किए जाने की जानकारी सामने आई है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और पुष्पेन्द्र बघेल के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद साइबर थाना रायगढ़ में दर्ज दो मामलों का खुलासा हुआ है।

 

शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34.17 लाख की ठगी

 

पुलिस के अनुसार, सोनकरपारा निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से उनका संपर्क सुनील नाम के व्यक्ति से हुआ था।

 

उसने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलने का लालच दिया और स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद व्हाट्सऐप पर कंपनी का पोर्टफोलियो भेजा गया और अलग-अलग व्यक्तियों ने उनसे निवेश कराया।

 

28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच डॉक्टर से कुल 34,17,531 रुपये निवेश कराए गए। शुरुआत में पोर्टफोलियो में बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद भी उनसे अतिरिक्त निवेश करने के लिए कहा गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

 

बैंक खाते को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने का मामला भी उजागर

 

दूसरे मामले में रायगढ़ निवासी सूरज शर्मा ने अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन और खाता फ्रीज होने को लेकर साइबर पुलिस से शिकायत की थी।

 

पुलिस के मुताबिक, 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच उसके खाते में 18 बार में कुल 2,97,298 रुपये का लेनदेन हुआ था। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें सामने आने के बाद बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था।

 

जांच में पुलिस को बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किए जाने और कमीशन प्राप्त करने से जुड़े तथ्य मिले। गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अपराध क्रमांक 13/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया।

 

इंदौर के कॉल सेंटर तक पहुंची पुलिस की जांच

 

दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ मोबाइल नंबरों और संदिग्ध संपर्कों के बीच समानता मिली। जांच में इंदौर निवासी तनिषा पाटिल और गायत्री विश्वकर्मा के संपर्कों की जानकारी सामने आई।

 

इसके बाद साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम इंदौर रवाना हुई। पुलिस ने पलासिया क्षेत्र स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा। आगे की जांच में ज्योति मालवीय को विजय नगर क्षेत्र से तथा तरुण नागर को परदेशीपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वहीं सूरज शर्मा को खरसिया में उसके रिश्तेदार के यहां से पकड़ा गया।

 

आरोपियों को इंदौर न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया।

 

140 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जानकारी

 

पुलिस की जांच में साइबर ठगी के लिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जानकारी भी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, करीब 140 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं और बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है।

 

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के तार अन्य राज्यों में सक्रिय संदिग्ध नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। इस संबंध में आगे की जांच और संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।

 

ये पांच आरोपी हुए गिरफ्तार

 

रायगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

 

1. ज्योति मालवीय, निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश।

2. तनिषा पाटिल, निवासी विजय नगर, इंदौर।

3. तरुण नागर, निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश।

4. गायत्री कुमारी विश्वकर्मा, निवासी किरोड़ीमल नगर, रायगढ़।

5. सूरज शर्मा, निवासी रायगढ़।

 

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग अपराधों में आरोपियों की भूमिका की जांच के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड की कार्रवाई की गई है।

 

एसएसपी ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान व्यक्तियों और कंपनियों पर भरोसा न करें। अपना बैंक खाता, सिम कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।

 

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में संलिप्त लोगों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

 

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच जारी है।


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