30/10/2026

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आएगा देवभोग दुग्ध संयंत्र! पशुपालकों और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते।

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कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश, प्रत्येक विकासखंड में देवभोग उत्पादों के विक्रय केंद्र खोलने की तैयारी

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 अक्टूबर 2026। जिले में दुग्ध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में देवभोग दुग्ध संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे स्थानीय पशुपालकों को दूध की बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होने के साथ युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

 

इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुधन विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को सीधे बाजार से जोड़ने का अवसर मिले।

 

प्रत्येक विकासखंड में खुलेगा देवभोग उत्पादों का विक्रय केंद्र

 

कलेक्टर ने देवभोग दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विक्रय केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक विक्रय केंद्र शुरू करने की तैयारी करने को कहा गया है।

 

आगामी राज्योत्सव में भी देवभोग के दुग्ध उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। इससे जिले में देवभोग उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर विपणन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

 

योजनाओं की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज

 

समीक्षा बैठक के दौरान पशुधन विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मैदानी स्तर पर लापरवाही और कमजोर क्रियान्वयन स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारी नियमित निगरानी करते हुए योजनाओं की प्रगति में सुधार लाएं।

 

गौवंशीय तस्करी पर निगरानी, चार माह में नौ लोगों पर अपराध दर्ज

 

बैठक में गौवंशीय तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक महेंद्र पांडेय ने जानकारी दी कि शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। पिछले चार माह में गौवंशीय तस्करी से जुड़े मामलों में नौ लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

 

इस पर कलेक्टर ने विभागीय अमले को सूचनातंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

 

टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं की भी हुई समीक्षा

 

बैठक में कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के प्रसव, पीपीआर और सीएसएफ टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भारत पशुधन पोर्टल पर सभी गतिविधियों की जानकारी समय पर और पूर्ण रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।

 

निराश्रित गौवंश के संरक्षण पर चर्चा करते हुए उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में उनके लिए चारे और उचित संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

 

वहीं, अधिकारियों ने पशु चिकित्सा सेवाओं में रिक्त पदों के कारण मैदानी स्तर पर आ रही समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने रिक्त पदों की जानकारी प्रस्तुत करने और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में पशुधन विकास विभाग के अधिकारी, मोबाइल वेटरनरी यूनिट के पशु चिकित्सक, देवभोग दुग्ध संघ के अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के प्रभारी उपस्थित रहे।

 


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