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30/09/2026

शिकायत के 25 दिन बाद भी जांच शुरू नहीं, संस्कृति विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल…

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सतनाम संस्कृति एवं संगीत अकादमी के अनुदान को लेकर शिकायत, दस्तावेजों और कार्यक्रमों की जांच की मांग

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग से मिलने वाले शासकीय अनुदान को लेकर सतनाम संस्कृति एवं संगीत अकादमी से जुड़ा विवाद सामने आया है। संस्था के संस्थापक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशवंत सोनबरसा ने कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए 3 सितंबर 2026 को संस्कृति विभाग के संचालक के समक्ष लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत के करीब 25 दिन बाद भी जांच शुरू नहीं होने पर उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में संस्था को अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए मिले सरकारी अनुदान, उसके उपयोग, कार्यक्रमों के आयोजन तथा विभाग के समक्ष जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में फर्जी हस्ताक्षर, संदिग्ध दस्तावेज और ऐसे कार्यक्रमों के नाम पर अनुदान लेने की आशंका है, जिनका वास्तविक आयोजन हुआ या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

अनुदान से लेकर भुगतान तक रिकॉर्ड खंगालने की मांग

 

शिकायत में विभाग से संस्था को पिछले वर्षों में स्वीकृत किए गए अनुदानों की पूरी जानकारी सामने लाने की मांग की गई है। इसमें किन कार्यक्रमों के लिए राशि मंजूर हुई, कितनी रकम जारी की गई और उसका भुगतान किस प्रक्रिया से हुआ, इसकी जांच शामिल है।

 

इसके अलावा कार्यक्रमों के आयोजन की वास्तविकता, उसमें शामिल कलाकारों की संख्या, कलाकारों को किए गए भुगतान तथा विभाग के सामने जमा कराए गए आवेदन, सहमति-पत्र, उपस्थिति रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी विवरण और उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की भी जांच की मांग की गई है।

 

शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों में दर्ज हस्ताक्षरों की सत्यता की जांच कराने की बात भी कही है। आवश्यकता होने पर हस्ताक्षरों और दस्तावेजों का विशेषज्ञ या फोरेंसिक परीक्षण कराने का अनुरोध किया गया है।

 

28 सितंबर को विभाग पहुंचकर ली शिकायत की जानकारी

 

यशवंत सोनबरसा के मुताबिक, 28 सितंबर को वे अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी लेने संस्कृति विभाग पहुंचे थे। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि फिलहाल शिकायत के आधार पर कोई जांच या कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

 

शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों ने यह भी कहा कि जब जांच की प्रक्रिया शुरू होगी, तब उन्हें इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके बाद सोनबरसा ने मामले में जल्द जांच शुरू किए जाने की मांग दोहराई है।

 

जांच पूरी होने तक नए अनुदान पर रोक की मांग

 

शिकायत में संबंधित संस्था अथवा उसके पदाधिकारियों से जुड़े नए कार्यक्रमों की स्वीकृति और आर्थिक अनुदान जारी करने की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक रोकने का अनुरोध भी किया गया है।

 

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच के दौरान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, गलत जानकारी, अनुदान राशि के दुरुपयोग या बिना कार्यक्रम आयोजित किए सरकारी राशि प्राप्त करने जैसी अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और यदि सरकारी धन का नुकसान हुआ हो तो उसकी वसूली की जाए।

 

विभाग की जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति

 

शिकायतकर्ता ने जांच में देरी को लेकर गंभीर आशंका जताई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, संस्कृति विभाग की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों और अब तक की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

फिलहाल मामला शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और जांच की मांग तक सीमित है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच में नहीं हुई है। ऐसे में अब निगाह संस्कृति विभाग की आगामी कार्रवाई पर है कि शिकायत की जांच कब शुरू होती है और संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।


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