20 वर्षीय छात्र गहरे पानी में डूबने से लापता DDRF और SDRF का रेस्क्यू अभियान ज़ारी …

छत्तीसगढ़ के शक्ति जिला के नागरदा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पयर्टन स्थल दमाऊधारा में दिन मंगलवार को एक बहुत ही बड़ा दर्दनाक हादसे हो गया। आप को बता दे कि दुर्ग जिले के 20 वर्षीय छात्र अपने दोस्तों के सात घूमने आए हुआ था ओऱ 20 वर्षीय छात्र प्रतीक कँवर का पैर झरने में नहाते समय फिसल गया। जिससे वह तह बहाव झरने के साथ गहरे पानी में बह गया। और अफरा तफ़री मच गया। सूचना मिलते है , जंजगीर चापा जिले के नागरदा थाना क्षेत्र पुलिस और जिला प्रशासन और DDRF एवं SDRF की टीम मौके पर घटनास्थल पहुंचा और 20 वर्षीय छात्र की तलाश शुरू किया। आप को बता दे कि देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल पाए हैं। जिसके बाद अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान को रोक दिया गया। और बुधवार को फिर से सुबह रेस्क्यू अभियान संयुक्त सर्च आपरेशन शुरू किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, दुर्ग भिलाई क्षेत्र निवाशी थे,अपने 5 दोस्तों के साथ सकती जिले के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने आया था । उदय साहू, चेलक लहरे, तेजस साहू, साहिल राव, और योगेश वर्मा साथ ही लापता 20 वर्षीय प्रतीक कंवर और सभी झाने सोमवार को शाम में सभी ने रैनखोल का भ्रमण किया था जबकि मंगलवार सुबह 9 बजे दमाऊधारा पहुंचे। और 6 दोस्तो में से 4 युवक झरने के ऊपरी हिस्से में स्नान कर रहे थे। और 2 साथी नीचे रुके हुए थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहाने के दौरान अचानक प्रतीक का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह झरने के तेज बहाव में बहकर गहरे पानी में चला गया। साथियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद तत्काल नगरदा पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के साथ DDRF एवं SDRF की विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने कई घंटों तक गहरे पानी और आसपास के क्षेत्र में युवक की तलाश की, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि अंधेरा होने और दृश्यता कम होने के कारण रेस्क्यू अभियान को फिलहाल रोक दिया गया है। बुधवार सुबह पर्याप्त रोशनी होने पर फिर से संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर करता है। लगातार बारिश के कारण झरनों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है तथा तेज बहाव के कारण ऐसे स्थान बेहद खतरनाक हो जाते हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित या जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
लेखक: भुनेश्वर निराला (प्रधान संपादक, आवाम की आवाज़ न्यूज़)
















