केशला-तोलगे सड़क पर छिड़ी सियासत, पोतरा रोड बना नया मुद्दा; विकास की उम्मीद में ग्रामीणों की निगाहें नेताओं पर…

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई बहस, बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने; ग्रामीण बोले— “हमें राजनीति नहीं, सड़क चाहिए”
संवाददाता: शशि सिदार | लैलूंगा
लैलूंगा क्षेत्र में केशला-तोलगे मार्ग की मरम्मत को मिली स्वीकृति अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। सड़क निर्माण की खबर से जहां एक ओर लोगों ने खुशी जताई, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत पोतरा की बदहाल सड़क को लेकर नया विवाद सामने आ गया। सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणियों ने विकास के मुद्दे को सीधे राजनीति से जोड़ दिया है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर केशला-तोलगे मार्ग की मरम्मत स्वीकृत होने की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। इस पोस्ट पर कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्य रामप्यारी विष्णु सिदार ने टिप्पणी कर पोतरा गांव की लंबे समय से जर्जर सड़क का भी निर्माण कराने की मांग उठाई।
इस पर जवाब देते हुए दीपक सिदार ने लिखा कि “पोतरा का रोड विधायक विद्यावती सिदार बनवाएंगी।” इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और मामला राजनीतिक रंग लेने लगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा भी अब राजनीतिक खींचतान में उलझ गई है। उनका कहना है कि वर्षों से पोतरा सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक समाधान नहीं निकला। लोगों का कहना है कि उन्हें किसी दल या नेता से नहीं, बल्कि अच्छी सड़क से मतलब है।
इधर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार का कहना है कि केशला-तोलगे मार्ग की स्वीकृति शासन स्तर से मिली है। वहीं जनपद सदस्य रामप्यारी विष्णु सिदार का कहना है कि उन्होंने केवल जनता की मांग को सामने रखा है और क्षेत्र के हर गांव का समान रूप से विकास होना चाहिए।
इस बीच ग्रामीणों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भाजपा के जनप्रतिनिधि विधायक की ओर जिम्मेदारी बता रहे हैं और विधायक यह कहती हैं कि राज्य में भाजपा की सरकार है, तो आखिर ग्रामीण अपनी सड़क की मांग लेकर किसके पास जाएं? लोगों का कहना है कि विकास की उम्मीद में उनकी आंखें आज भी सड़क बनने का इंतजार कर रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर पोतरा सहित क्षेत्र के सभी जर्जर मार्गों का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।
नोट: इस समाचार में शामिल नेताओं के बयान उनके बताए गए पक्ष के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। यदि किसी पक्ष की ओर से आगे कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
















