लैलूंगा तहसील में नए तहसीलदार की अनुपस्थिति से राजस्व कार्य प्रभावित, फरियादी रोज़ लौट रहे निराश…

संवाददाता: शशि सिदार लैलूंगा, रायगढ़।
लैलूंगा तहसील में नए तहसीलदार की पदस्थापना के बाद भी राजस्व व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पदभार ग्रहण करने के बावजूद अधिकारी पिछले लगभग एक सप्ताह से नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इससे तहसील कार्यालय में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालय से जुड़े अनेक प्रकरण लंबित होते जा रहे हैं।
प्रतिदिन दूर-दराज़ के गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण अपनी जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारी की अनुपलब्धता के कारण अधिकांश आवेदनों और प्रकरणों पर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा। कई लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है।
तय तिथियों पर होने वाली राजस्व न्यायालय की सुनवाई भी प्रभावित बताई जा रही है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण में और देरी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों के अटकने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है।
कार्यालयीन कर्मचारियों के अनुसार, जिन फाइलों पर तहसीलदार के हस्ताक्षर या आदेश आवश्यक हैं, वे आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे कार्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और आम नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नए अधिकारी की नियुक्ति से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन नियमित उपस्थिति नहीं होने की चर्चा से लोगों में निराशा बढ़ी है। उनका मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जाएगा।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले का संज्ञान लेकर राजस्व कार्यों को शीघ्र सुचारु कराया जाए तथा तहसील कार्यालय में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके।
















