प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, फीस-ड्रेस और किताबों की जांच के निर्देश…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने और किताबों व ड्रेस की ऊंची कीमत वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के साथ निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। बैठक में स्कूलों की फीस, यूनिफॉर्म और पाठ्य पुस्तकों की कीमतों की निगरानी तेज करने तथा प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिले के प्रत्येक स्कूल में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों से संपर्क किया जाए। उन्होंने शिक्षा के महत्व और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी देकर बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने पर भी जोर दिया।
मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी स्कूलों में एलपीजी गैस चूल्हे का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला एवं ब्लॉक स्तर की निगरानी समितियों को निजी स्कूलों की गतिविधियों पर सतत नजर रखने और आवश्यक होने पर छत्तीसगढ़ के प्रासंगिक फीस विनियमन प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों से समझौता करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
















