नशे के नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान: पुराने NDPS मामलों की होगी दोबारा जांच, तय समय में चार्जशीट और पूरक केस डायरी पेश करने के निर्देश…
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों पर निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम किया जाएगा। इसी उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में NDPS अधिनियम के तहत दर्ज मामलों और लंबित पूरक विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों ने ऐसे मामलों पर विशेष फोकस किया जो लंबे समय से जांच या न्यायालयीन प्रक्रिया में लंबित हैं। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक प्रकरण की केस डायरी, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य जरूरी दस्तावेज तय समय-सीमा के भीतर तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं, ताकि आरोपियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने के लिए केवल स्थानीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अंतरराज्यीय नेटवर्क, सप्लाई चेन और वित्तीय कड़ियों तक पहुंचकर एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन किया जाएगा। इस अभियान में ANTF की विशेषज्ञ टीम भी सक्रिय भूमिका निभाएगी।
बैठक के दौरान आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया। CCTNS और ICJS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, नेटवर्क और अन्य राज्यों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए, जिससे विवेचना को और मजबूत बनाया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धारा 173(8) के तहत लंबित पूरक जांच और बीएनएसएस की धारा 193(3) से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। सभी विवेचकों और थाना प्रभारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी श्रीमती स्नेहिल साहू, डीएसपी मुख्यालय संतोषी ग्रेस, ANTF टीम के अधिकारी, जिले के सभी थाना प्रभारी और विवेचक मौजूद रहे।
पुलिस का संदेश साफ है—नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी आरोपी या नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा कर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।













