डिजिटल पुलिसिंग की ओर सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस का बड़ा कदम, अब मोबाइल से होगी केस डायरी और साक्ष्यों की ऑनलाइन प्रोसेसिंग….
सारंगढ़-बिलाईगढ़ | छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधों की जांच को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सहायक उप निरीक्षक (ASI) से लेकर निरीक्षक स्तर तक के विवेचकों को हाई-टेक स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल जांच प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इन स्मार्टफोनों के माध्यम से अब विवेचक घटनास्थल से ही फोटो, वीडियो, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रूप से पुलिस सिस्टम में अपलोड कर सकेंगे। इससे कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी और मामलों की जांच पहले की तुलना में अधिक तेज गति से आगे बढ़ सकेगी।
नई व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि विवेचक CCTNS और ICJS जैसी डिजिटल प्रणालियों से तत्काल जुड़कर आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मौके पर ही प्राप्त कर सकेंगे। इससे जांच की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य तैयार करने में भी सहायता मिलेगी।
डिजिटल केस डायरी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के उपयोग से न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है। इससे जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और मामलों के समयबद्ध निराकरण को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी स्नेहिल साहू, डीएसपी मुख्यालय संतोषी ग्रेस सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने डिजिटल पुलिसिंग को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए उपलब्ध कराए गए संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
तकनीक आधारित यह पहल न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।













