रेत के ‘साम्राज्य’ की जंग बनी मौत का खेल: भाजपा नेता को जिंदा जलाया गया या हादसा? कोरिया की रात ने खड़े कर दिए कई सवाल…
(भुनेश्वर निराला)। आवाम की आवाज़ न्यूज़|सारंगढ़
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद मंगलवार देर रात खूनी टकराव में बदल गया। इस घटना में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, देर रात भरत सिंह अपने साथियों के साथ इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान विरोधी पक्ष से विवाद बढ़ गया। आरोप है कि एक भारी वाहन ने उनकी फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद हालात इतने भयावह हो गए कि कुछ ही मिनटों में गाड़ी आग की लपटों में घिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के कारण वाहन के दरवाजे लॉक जैसी स्थिति में फंस गए थे। अंदर बैठे लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते रहे, शीशे तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आग तेजी से फैल गई। इस दर्दनाक घटनाक्रम में भरत सिंह गहरवार वाहन के अंदर ही फंस गए और उनकी मौके पर मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने रात में ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि दोनों पक्षों के बीच रेत उत्खनन और कारोबार को लेकर काफी समय से तनाव बना हुआ था। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की सूचना मिली थी, जो रात होते-होते हिंसक रूप ले बैठा।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सिर्फ रेत कारोबार का विवाद था या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश छिपी है? पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। लेकिन एक बात साफ है—कोरिया की इस दर्दनाक घटना ने प्रदेश में अवैध खनन, बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
(नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही होगी।)









