भवानी राइस मिल में मौत का मंजर: धान की ढेरी बनी कब्र, हमाल की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप!
बिलासपुर | तखतपुर औद्योगिक सुरक्षा के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई, जब तखतपुर थाना क्षेत्र की भवानी राइस मिल में गुरुवार शाम एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। काम के दौरान धान की ऊंची छल्ली (ढेरी) अचानक भरभराकर गिरी और एक मेहनतकश हमाल को अपनी चपेट में ले लिया — उसकी मौके पर ही जिंदगी थम गई।
मृतक की पहचान राकेश केंवट (35 वर्ष), निवासी ग्राम खपरी के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से मिल में हमाल का काम कर रहा था। रोज की तरह वह गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे धान की बोरियों के पास काम में जुटा था। तभी अचानक बिना किसी चेतावनी के धान की भारी-भरकम ढेरी उसके ऊपर टूट पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना तेज और अचानक था कि राकेश को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते वह बोरियों के नीचे दब गया। साथी मजदूरों ने जान बचाने की हर संभव कोशिश की — बोरियों को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गंभीर हालत में उसे तुरंत तखतपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मिल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मजदूरों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
लापरवाही या सिस्टम की विफलता?
सूचना मिलते ही तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मिल प्रबंधन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी मानकों का पालन किया जा रहा था या सिर्फ कागजों में ही नियम जिंदा हैं?
थाना प्रभारी विवेक पांडेय के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राकेश केंवट की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। एक कमाने वाले के चले जाने से घर की आर्थिक रीढ़ टूट गई है।
बड़ा सवाल:
आखिर कब तक मजदूर यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ते रहेंगे?
क्या औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा सिर्फ दिखावे तक सीमित है?
यह हादसा सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है… अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।









