पुलिस दबाव के आरोपों के बीच व्यापारी की आत्महत्या, नवाबगंज में हालात तनावपूर्ण…
सत्यम गौड़। बरेली
नवाबगंज थाना क्षेत्र में एक हार्डवेयर व्यापारी की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गंगवार कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय बुद्धसेन ने अपनी दुकान में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने सीधे तौर पर पुलिस पर मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
लेनदेन विवाद बना जानलेवा
मृतक के परिजनों के अनुसार, पड़ोसी गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा रुपये के लेनदेन को लेकर शिकायत की गई थी। परिवार का कहना है कि वास्तविक विवाद लगभग 10 हजार रुपये का था, जबकि शिकायत में 70 हजार रुपये का मामला बताया गया। आरोप है कि पुलिस ने बिना ठोस जांच के मामले को गंभीर बनाकर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
थाने में बेटे को बैठाकर बनाया दबाव
परिजनों के मुताबिक, पुलिस टीम बुधवार शाम को घर पहुंची और छोटे बेटे को थाने ले गई। आरोप है कि वहां उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसी के मोबाइल से पिता को फोन कर तत्काल पैसे लेकर पहुंचने के लिए दबाव बनाया गया। परिवार का दावा है कि फोन पर गाली-गलौज और जेल भेजने की धमकी दी गई।
धमकी के बाद उठाया आत्मघाती कदम
परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव और धमकी से आहत होकर बुद्धसेन ने शाम करीब 5:30 बजे अपनी दुकान के अंदर फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में भारी भीड़ जुट गई।
एफआईआर की मांग पर अड़ा परिवार
घटना के बाद परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होगा, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटे हैं।
पुलिस का पक्ष भी सामने आया
थाना नवाबगंज के इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक पर अवैध रूप से लोन दिलाने के आरोप थे। इसी मामले में पूछताछ के लिए उसके बेटे को बुलाया गया था। उनके अनुसार, आत्महत्या का कदम व्यापारी द्वारा स्वयं उठाया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, प्रशासन की निगरानी में जांच जारी है।









