जेल में बंद फरीदपुर के सर्राफ के यहां पुलिस ने दी दबिश
सत्यम गौड़। फरीदपुर
विदेशी सोने की तस्करी के मामले में जेल में बंद फरीदपुर के सर्राफ कारोबारी के घर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कारोबारी की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए उसके परिजनों से भी पूछताछ की।
डीआरआई की टीम ने छह जनवरी को एक बड़े तस्करी सिंडिकेट के सदस्य को घरेलू लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस से गिरफ्तार किया था। वह अगरतला, त्रिपुरा से आई दो खेपों की डिलीवरी लेने पहुंचा था। जांच के दौरान 15 किलो विदेशी सोना बरामद किया गया, जिस पर इंटरनेशनल रिफाइनरी के निशान पाए गए। इसकी अनुमानित कीमत करीब 20.73 करोड़ रुपये बताई गई।
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली और अगरतला में एक साथ चलाए गए तलाशी अभियान में अतिरिक्त 14.2 किलो विदेशी सोना और 2.90 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। बरामद नकदी में भारतीय और बांग्लादेशी मुद्रा शामिल है। सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कुल 29.2 किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये आंकी गई है, जब्त किया गया।
इस मामले में सिंडिकेट के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरीदपुर के सहकारी बाजार के सर्राफ कुपाल भी शामिल हैं। कुपाल के फरीदपुर स्थित प्रतिष्ठान पर पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन दुकान बंद मिली। बाद में कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि तस्करी में जेल में बंद सर्राफ कारोबारी की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में पकड़े गए कारोबारी की दुकान फरीदपुर के सहकारी बाजार में स्थित है, जहां पिछले एक महीने से कर्मचारी बैठ रहे थे। नगर में कारोबारी के पकड़े जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।









