कैनविज ग्रुप पर 11 लाख की धोखाधड़ी का आरोप: कन्हैया गुलाटी, अमित महेन्द्र के खिलाफ फरीदपुर में केस दर्ज…
सत्यम गौड़। फरीदपुर
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में कैनविज ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिकों पर 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। ग्राम गोविंदपुर निवासी एक महिला की शिकायत पर कन्हैया लाल गुलाटी और अमित महेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने प्लॉट देने या निवेश की दोगुनी राशि लौटाने का वादा कर उनसे पैसे लिए थे।
महिला के अनुसार, वर्ष 2016 में उनके पति सुधीर सिंह का संपर्क इन निवेशकों से हुआ था। कंपनी ने उन्हें ‘कैनविज विलास वैली’ परियोजना में प्लॉट खरीदने का प्रस्ताव दिया था। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि पांच साल के भीतर या तो मकान बनाकर दिया जाएगा या निवेश की गई राशि दोगुनी करके वापस की जाएगी।
इस भरोसे पर दंपती ने 105 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीदने के लिए कंपनी को 11 लाख रुपये दिए थे। कंपनी ने उनके नाम बैनामा भी कराया था। हालांकि, पांच साल बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो प्लॉट मिला और न ही उनकी निवेश की गई राशि लौटाई गई। महिला का आरोप है कि आरोपी लगातार बहाने बना रहे थे और उन्होंने कई अन्य लोगों के पैसे भी हड़प लिए हैं।
एसएसपी बरेली के आदेश पर बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
यह मामला कन्हैया गुलाटी के खिलाफ बरेली में दर्ज दर्जनों एफआईआर की लंबी सूची में नया जुड़ा है। पूर्व के मामलों में भी उन पर निवेशकों से लाखों-करोड़ों रुपये हड़पने, प्लॉट देने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लोगों को ठगने के आरोप हैं। कई मामलों में पुलिस ने गैंग एक्ट के तहत गैंग रजिस्ट्रेशन और एसआईटी जांच के आदेश भी दिए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों ने ऐसी निवेश योजनाओं में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी निवेश में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वैधता और उसके कानूनी दस्तावेजों की गहन जांच कर लें। पीड़िता ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


