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05/02/2026

आस्था की पवित्र धारा रामगंगा में गौवंश के अवशेष, 10 दिन में दूसरी घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत…

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सत्यम गौड़। बरेली

संवाददाता फरीदपुर। नगरिया कला ग्राम पंचायत के मझरा गांव खनीनवादा के पास रामगंगा नदी में एक बार फिर बड़ी संख्या में गौवंश पशुओं के अवशेष बहते हुए मिले। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर करीब 10 दिन पूर्व भी इसी प्रकार की घटना सामने आ चुकी है, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से अब मामला और भी गंभीर हो गया है। कुछ गौवंश के शव नदी में फंसे हुए थे, जबकि कई शव नदी किनारे आ गए थे, जिन्हें जंगली कुत्ते, चील और कौए नोचते हुए देखे गए। घटना उस समय सामने आई जब खनीनवादा गांव के ग्रामीण खेतों की ओर गए।


      ग्रामीणों द्वारा नदी में तैरते शव देखे जाने के बाद गांव निवासी शिवसोरेन गौड़ ने मौके का वीडियो बनाकर गौ क्रान्ति मंच के कार्यकर्ताओं को भेजा। इसके बाद गौ रक्षक सत्यम गौड़ द्वारा वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुपों, फेसबुक एवं ट्विटर (एक्स) पर साझा किए गए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए। सोशल मीडिया पर मामला उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आया।
      

    मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नदी में फंसे गौवंश पशुओं के अवशेषों को बाहर निकलवाया। पशु चिकित्सा अधिकारी को बुलाकर शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाकर विधिवत रूप से दफन कराया गया।


    ग्रामीणों का कहना है कि नगरिया कला घाट पर प्रत्येक गंगा स्नान के अवसर पर लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं। ऐसे में पवित्र रामगंगा नदी में इस तरह गौवंश के शव मिलना न केवल जल प्रदूषण बढ़ा रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचा रहा है।


     स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लगातार दूसरी बार हुई इस घटना से यह स्पष्ट है कि इसके पीछे किसी संगठित लापरवाही या अवैध कृत्य की आशंका है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि संभवतः किसी गौशाला में पशुओं की मृत्यु के बाद उनके शवों को रामगंगा नदी में फेंक दिया गया हो। लोगों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कड़ी चेतावनी

ग्रामीणों एवं गौ रक्षक संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जनआक्रोश का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


     संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं, तो आंदोलन को जिले से मंडल स्तर तक फैलाया जाएगा। इस संबंध में थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि रामगंगा नदी में मिले गौवंश पशुओं के अवशेषों को पशु चिकित्सक की देखरेख में पोस्टमार्टम कराकर सुरक्षित रूप से दफन करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।


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